रिपोर्ट: मनोज कुमार टाक
मालपुरा (डिग्गी) – छोटी काशी श्री कल्याण जी धार्मिक नगरी डिग्गीपुरी में 59वीं लक्खी पदयात्रा का शुभारम्भ 11 अगस्त, 2024 को जयपुर से शाही ध्वज के साथ होगा। इस वार्षिक यात्रा की शुरुआत श्रावण सुदी षष्टी, रविवार के दिन सुबह 9 बजे श्री ताड़केश्वर मंदिर, चौड़ा रास्ता, जयपुर से होगी।

पैदल यात्रा संघ के अध्यक्ष एवं संचालक श्रीजी शर्मा लोहे वालों ने बताया कि इस वर्ष की पदयात्रा में विशेष आयोजन और धूमधाम रहेगी।** मुख्य केसरिया शाही निशान ध्वज की विधिवत पूजा अर्चना के बाद, उपमुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा, जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित, अवधेशानंद जी महाराज, राष्ट्रीय कथा वाचक परम पूज्या देवी वैभवी श्रीजी, एडवोकेट नवीन टांक, रामरिछपाल जी देवाचार्य जी महाराज, त्रिवेणीधाम शाहपुरा के ठाकुर रामप्रताप सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग पदयात्रियों को रवाना करेंगे।


इस वर्ष की पदयात्रा में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। लगातार सावन और भादवा महीने के दौरान डिग्गी में पदयात्रियों की भारी भीड़ रहती है। यह यात्रा 11 अगस्त को मदरामपुरा, 12 अगस्त को हरसूलिया, 13 अगस्त को फागी, 14 अगस्त को चौसला होते हुए 15 अगस्त को विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल भगवान श्री कल्याण जी महाराज के निजधाम डिग्गीपुरी पहुंचेगी।
डिग्गीपुरी पहुंचने पर शाम 5 बजे भव्य शोभायात्रा के साथ मुख्य केसरिया शाही निशान ध्वज चढ़ाया जाएगा। डिग्गी के निज मंदिर में गंगोत्री से लाए गए गंगा जल से श्री कल्याण जी का अभिषेक किया जाएगा। हर रात भजन, रामलीला और सत्संग के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पैदल यात्रा संघ के अध्यक्ष एवं संचालक श्रीजी शर्मा लोहे वालों ने बताया कि पदयात्रा के मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। इस लक्खी पदयात्रा में स्त्री, पुरूष, और बच्चे सभी शामिल होते हैं, जिन्हें धूप, छाले, बारिश या किचड़ की परवाह नहीं होती।
स्थानीय प्रशासन ने भी यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। कार्यवाहक उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा, नायब तहसीलदार सुरज सिंह बैरवा, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश चौधरी, और सरपंच प्रतिनिधि हकीम भाई ने यात्रा मार्ग और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
यह लक्खी पदयात्रा भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव है, जहां श्रद्धा, भक्ति, और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
श्री कल्याण डिग्गीपुरी की 59वीं लक्खी पदयात्रा: मुख्य बिंदु
- तारीख और स्थान: 59वीं लक्खी पदयात्रा का शुभारम्भ 11 अगस्त, 2024 को सुबह 9:00 बजे श्री ताड़केश्वर मंदिर, चौड़ा रास्ता, जयपुर से होगा।
- मुख्य अतिथि: उपमुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा, जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित, अवधेशानंद जी महाराज, राष्ट्रीय कथा वाचक परम पूज्या देवी वैभवी श्रीजी, एडवोकेट नवीन टांक, रामरिछपाल जी देवाचार्य जी महाराज, त्रिवेणीधाम शाहपुरा के ठाकुर रामप्रताप सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग।
- श्रद्धालुओं की संख्या: लगभग 10 लाख श्रद्धालु इस पदयात्रा में शामिल होंगे।
- यात्रा का मार्ग: 11 अगस्त को मदरामपुरा, 12 अगस्त को हरसूलिया, 13 अगस्त को फागी, 14 अगस्त को चौसला होते हुए 15 अगस्त को डिग्गीपुरी पहुंचेगी।
- मुख्य आयोजन: 15 अगस्त को शाम 5 बजे भव्य शोभायात्रा के साथ मुख्य केसरिया शाही निशान ध्वज चढ़ाया जाएगा। गंगोत्री से लाए गए गंगा जल से श्री कल्याण जी का अभिषेक होगा।
- रात्री कार्यक्रम: प्रतिदिन रात को भजन, रामलीला, और सत्संग के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- प्रशासनिक तैयारियां: कार्यवाहक उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा, नायब तहसीलदार सुरज सिंह बैरवा, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश चौधरी, और सरपंच प्रतिनिधि हकीम भाई ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- भक्ति और समर्पण: इस पदयात्रा में स्त्री, पुरूष, और बच्चे सभी शामिल होते हैं, जिन्हें धूप, छाले, बारिश या किचड़ की परवाह नहीं होती।
- स्थानीय व्यवस्थाएं: यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
- यात्रा की महत्ता: यह लक्खी पदयात्रा श्रद्धा, भक्ति, और समर्पण का अद्वितीय संगम है, जो भक्तों के लिए एक अनोखा अनुभव प्रदान करती है।