
टोंक, (पीयूष गौत्तम)। भारतीय जनता पार्टी ने टोंक के कृषि ऑडिटोरियम में अपनी सांगठनिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए एक प्रभावशाली बैठक का आयोजन किया। कृषि ऑडिटोरियम में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री राधा मोहन दास अग्रवाल, प्रदेश सह प्रभारी विजया राहतकर, और जिलाध्यक्ष अजीत सिंह मेहता ने की। इस अवसर पर टोंक उनियारा के आगामी विधानसभा उपचुनाव पर व्यापक चर्चा की गई और आगामी चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

भव्य स्वागत और जोश भरा सम्बोधन
बैठक से पूर्व, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी का स्वागत जिलाध्यक्ष अजीत सिंह मेहता ने किया। स्वागत समारोह के दौरान पूरा मार्ग भव्य स्वागत से सजाया गया और सभी नेताओं को दुप्पटा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अजीत सिंह मेहता ने अपने सम्बोधन में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने जातिवाद और आरक्षण के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास किया है, जो कुछ हद तक सफल रहा है। लेकिन अब जनता ने कांग्रेस की साजिशों को समझ लिया है और बीजेपी के साथ खड़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि बीजेपी देवली-उनियारा विधानसभा में विजय प्राप्त करेगी और कांग्रेस को एक ठोस जवाब देगी।

मदन राठौर के बोल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा कि उनकी पार्टी एक संघर्षशील और निरंतर सुधार की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपनी गंदी राजनीति, बेमेल गठबंधन और अवसरवाद के साथ देश को पीछे धकेला है। राठौर ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि कांग्रेस ने केवल कुर्सी की राजनीति की है। उन्होंने प्रदेश में बिजली और पानी की समस्याओं के लिए कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की और आश्वासन दिया कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार इन समस्याओं का समाधान करेगी।

उपचुनावों के लिए महामंथन
बैठक में देवली-उनियारा विधानसभा सीट के उपचुनावों को लेकर महामंथन हुआ। बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने लगातार दो बार चुनावों में मिली हार को जीत में बदलने के लिए पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जीत का मूल मंत्र भी दिया। बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के कुछ नेता जातिवादी राजनीति में माहिर हैं, जो हिंदू को हिंदू से और हिंदू को मुसलमान से लड़वाने का काम कर रहे हैं। क्या आप ऐसे लोगों की पार्टी के विधायक को चुनेंगे?”
राधामोहन दास का विवादित बयान
राधामोहन दास ने मंच से कांग्रेस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए विवादित बयान भी दिया। उन्होंने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिनके पिता पारसी थे, मां ईसाई धर्म मानती थीं, वे हिंदू कैसे हो सकते हैं? दास ने यह भी सवाल उठाया कि महात्मा गांधी ने राहुल गांधी को गोद लिया, लेकिन इसका जिक्र कहीं क्यों नहीं है। यह बयान कांग्रेस की जातिवादी राजनीति पर तीखा व्यंग्य था और पार्टी के भीतर गहरे विवाद को उजागर करता है।
आने वाले चुनावों के लिए रणनीति
बैठक में प्रदेश और विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए जनता से सहयोग की अपील की गई। राठौर ने कहा कि जनता की सहभागिता के बिना सेवा का संबल मजबूत नहीं हो सकता। उन्होंने चुनावों में कमल के फूल के साथ जाने की अपील की और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनावी लड़ाई में जीत सुनिश्चित करने का संकल्प दिलाया।

कार्यकर्ताओं और नेताओं की उपस्थिति
बैठक में प्रदेश और जिला स्तर के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। जिला प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर, सांसद दामोदर दास अग्रवाल, जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, निवाई विधायक राम सहाय वर्मा, और पूर्व सांसद सुखवीर सिंह जौनापुरिया समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।

इस बैठक के माध्यम से बीजेपी ने अपनी राजनीतिक रणनीति को स्पष्ट करते हुए आगामी चुनावों के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत किया और कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला करने का संदेश दिया। साथ ही, पार्टी ने अपने नेताओं की रणनीति को और भी सशक्त बनाते हुए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी की।